वियना/तेहरान: ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर पिछले 10 दिनों में तीसरी बार हमला हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि इससे न तो रिएक्टर को कोई नुकसान हुआ और न ही किसी तरह का रेडिएशन लीक हुआ है। यह जानकारी इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने दी है। IAEA के मुताबिक, ईरान ने एजेंसी को बताया कि बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के आसपास फिर से हमला हुआ, लेकिन प्लांट की स्थिति सामान्य है और ऑपरेटिंग रिएक्टर सुरक्षित है।
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सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील
IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने इस तरह के हमलों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी परमाणु रिएक्टर को नुकसान पहुंचता है, तो बड़ा रेडियोधर्मी हादसा हो सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। IAEA ने यह भी बताया कि ईरान के खोंदाब स्थित हैवी वाटर प्रोडक्शन प्लांट पर भी हमला किया गया। हालांकि, वहां कोई रेडिएशन का खतरा नहीं है, क्योंकि उस प्लांट में कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी।
खुजिस्तान स्टील प्रोडक्शन फैक्ट्री पर भी हमला
इसके अलावा, ईरान की खुजिस्तान स्टील प्रोडक्शन फैक्ट्री पर भी हमला हुआ, जहां कोबाल्ट-60 और सीजियम-137 जैसे रेडियोधर्मी स्रोतों का इस्तेमाल किया जाता है। एजेंसी के अनुसार, इस हमले के बाद भी प्लांट के बाहर किसी तरह का रेडिएशन नहीं फैला। IAEA ने यह भी पुष्टि की कि यज्द प्रांत में स्थित शाहिद रेजायी नेजाद येलो केक प्रोडक्शन फैसिलिटी (अर्दकान) पर भी हमला किया गया। हालांकि, यहां भी बाहरी इलाकों में रेडिएशन स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। एजेंसी इस मामले की जांच कर रही है।
'हमलों की भारी कीमत चुकाएगा इजरायल'
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने चेतावनी दी है कि इजरायल को इन हमलों की 'भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी। वहीं, ईरानी सेना ने अमेरिका और इजरायल को चेताते हुए कहा है कि वे ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करके 'आग से खेल रहे हैं।' विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे इन हमलों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है, और पूरी दुनिया पर इसके विपरीत प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।